मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना : उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की कमाई बढ़ाने और खेती – बारी को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाती रहती है । हाल ही मे यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का ब्याज 6% कर दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों को खेती, पशुपालन और कृषि से जुड़े कार्यों के लिए कम ब्याज पर लोन प्रदान करवाना है। लघु व सीमांत किसान अपने कृषि कार्यों के लिए 6% ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं।
6% ब्याज दर पर लोन की सुविधा यूपी सरकार द्वारा
केंद्र सरकार से मिल रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना और पीएम फसल बीमा योजना के लाभ के साथ – साथ मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को 6% तक की ब्याज दर पर लोन देने का प्रावधान है। पहले मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 11 से 11.5 फीसदी ब्याज दर लगती थी। जो कीअब 6% कर दिया है। आमतौर पर यह लोन सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों माध्यम से दिया जाता है। ब्याज दर में राहत मिलने से किसानों की मासिक या वार्षिक किस्त कम हो जाती है, जिससे लोन चुकाना पहले से आसान हो जाता है। समय पर लोन चुकाने वाले लोगों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन मिलता है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के फायदे
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का मकसद सिर्फ लोन देना ही नहीं है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। खेती में प्रयोग किए जाने वाले बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मशीनरी और पशुपालन जैसे कार्यों के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है। कई बार समय पर पैसा न मिलने के कारण किसान अपने जान पहचान से ऊंचे ब्याज पर लोन लेने को मजबूर हो जाते हैं। इस योजना के जरिए कई किसानों को फायदा पहुंचेगा। इस योजना की वजह से किसानों पर ब्याज का बोझ कम होता है और किसान अपनी आय बढ़ाने पर ध्यान दे सकते है।
इस योजना का फायदा कौन कौन ले सकते हैं ?
उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी किसान, इस योजना का लाभ उठा सकते है। इसमें छोटे, सीमांत और मध्यम वर्ग के किसान शामिल होते हैं। जिन किसानों के पास खेती करने के लिए जमीन है या कृषि से जुड़े कार्य करते हैं, वे इस योजना के पात्र माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिय आवेदन कैसे करेंगे ?
इस योजना के लिए अप्लाई करना बहुत ही आसान और सुरक्षित रखा गया है। ऐसे तो किसानों को अपने नजदीकी सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में जाकर आवेदन करना होता है। बैंक में अधिकारी किसानों को आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराते हैं और जरूरी जानकारी भरने में मदद भी करते हैं।
किसान फॉर्म भरते समय अपने आवश्यक दस्तावेज जमा करवाते हैं। इसके बाद बैंक सारे डॉक्यूमेंटसे को वेरिफाई करते हैं। जमीन के रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन। सभी टर्म और कंडीशन पूरा होने पर किसान का लोन एप्लिकेशन स्वीकृत किया जाता है और पैसे सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ज़रूरी दस्तावेज क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन करते समय किसानों को कुछ बेसिक और जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें आमतौर पर ये दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।
• आधार कार्ड
• निवास प्रमाण पत्र (उत्तर प्रदेश का)
• जमीन से जुड़े दस्तावेज (खतौनी/खसरा)
• बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
• पासपोर्ट साइज फोटो
• मोबाइल नंबर
• यदि पहले से कोई कृषि लोन है तो उसका विवरण
किसानों भाइयों के लिए जरूरी सलाह
किसानों भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दलाल या अनॉथराइज्ड व्यक्ति के झांसे में न आएं। आवेदन हमेशा सरकारी बैंक या अधिकृत सहकारी संस्थान के माध्यम से ही करना चाहिए। योजना से जुड़ी ताजा और सही जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि कार्यालय या बैंक शाखा से संपर्क करें और जो भी सवाल हो उनसे पूछे। एक बात और ध्यान रखें कि समय पर लोन की किस्त चुकाने से भविष्य में भी कम ब्याज दर पर लोन मिलने में आसानी होती है।
Disclaimer : यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। योजना से जुड़े नियम, पात्रता और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन से पहले संबंधित बैंक या आधिकारिक सरकारी स्रोत से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
