Ujjwala Yojana 2026 : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2026 के तहत केंद्र सरकार गरीब और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को किचेन में LPG गैस उपलब्ध कराने के लिए कनेक्शन और सिलेंडर पर सब्सिडी दे रही है।
साल 2025-26 के लिए कैबिनेट ने उज्ज्वला उपभोक्ताओं को LPG पर लक्षित सब्सिडी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे करोड़ों परिवारों को फायदा मिल रहा है।
उज्ज्वला योजना 2026 खास क्यों ?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) साल 2016 से चली आ रही है। यह केंद्रीय सरकारी योजना है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ्त LPG गैस कनेक्शन दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और गरीब परिवारों को धुएं वाले चूल्हे से छुटकारा दिलाकर साफ ईंधन देना है और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
उज्ज्वला 2.0 के तहत लाभार्थियों को बिना किसी फीस या चार्ज के एलपीजी कनेक्शन, रेगुलेटर, पाइप, इंस्टॉलेशन और डोमेस्टिक गैस कंज्यूमर कार्ड (DGCC) दिया जाता है। सरकार पहले रिफिल और चूल्हा (स्टोव) भी निशुल्क देती है।
2025-26 में सब्सिडी से जुड़ी बड़ी बातें
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उज्ज्वला उपभोक्ताओं को सिलेंडर सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है। कैबिनेट निर्णय के अनुसार PMUY लाभार्थियों को 14.2 किलो के प्रत्येक सिलेंडर पर 300 रुपए तक की लक्षित सब्सिडी दी जाएगी, जो अधिकतम 9 रिफिल प्रति वर्ष तक लागू रहेगी।
इस फैसले के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 12,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा है, जिससे 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला लाभार्थी परिवारों को फायदा मिलने का संभावना है।
उज्ज्वला योजना 2026 का कौन- कौन लाभ ले सकता है
उज्ज्वला योजना का लाभ गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है, जिनके परिवार के पास पहले से कोई लोगे कनेक्शन नहीं है। जिनके पास पहले से LPG कनेक्शन है वो इसका लाभ नहीं उठा सकते।
आम तौर पर लाभार्थी चयन में निम्न श्रेणियां शामिल रहती हैं, अगर वे आधिकारिक सूची में दर्ज हों :-
- SECC 2011 डेटा में चिन्हित गरीब परिवारों की महिलाएं
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और BPL राशन कार्डधारक परिवार वाले
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, EWS और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की योग्य महिलाएं
- लाभ लेने के लिए आवेदक महिला को भारतीय नागरिक होनी चाहिए और आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, और उसके नाम से या परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से पहले से LPG कनेक्शन न हो।
फाइनल पात्रता और श्रेणियां सरकार के आधिकारिक दिशा-निर्देश और समय-समय पर जारी नोटिफिकेशन से तय होती हैं, इसलिए आवेदक को आवेदन से पहले वर्तमान नियम आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य देखना चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़
उज्ज्वला योजना 2026 के लिए पात्र महिलाएं नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं, जहां सुविधा उपलब्ध हो।
- आधिकारिक पोर्टल pmuy.gov.in पर जाकर लाभार्थी योजना से जुड़ी जानकारी, फॉर्म और गैस कंपनियों जैसे इंडेन, भारत गैस, HP गैस आदि के लिंक देख सकते हैं।
- आवेदन के लिए निम्न दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है :-
- आवेदक महिला का आधार कार्ड
- राशन कार्ड या BPL/AAY कार्ड
- बैंक खाता विवरण (जन-धन खाता हो तो बेहतर)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- परिवार में पहले से LPG कनेक्शन न हो
फॉर्म भरते समय नाम, पता, आधार संख्या, बैंक डिटेल्स और सिलेंडर का साइज (14.2 किलो या 5 किलो) जैसी बुनियादी जानकारियां सही से भरनी चाहिए। ताकि आवेदन बिना देरी के स्वीकार हो सके।
उज्ज्वला योजना 2026 के खास फायदें
उज्ज्वला योजना से लाभार्थी परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य, दोनों तरह से फायदा मिलता है। कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं :
- मुफ्त LPG कनेक्शन – सिक्योरिटी डिपॉजिट, रेगुलेटर, पाइप, इंस्टॉलेशन और DGCC कार्ड उपलब्ध कराया जाता है।
- फ्री स्टोव और पहला रिफिल – उज्ज्वला 2.0 के तहत लाभार्थी को गैस चूल्हा और पहला सिलेंडर रिफिल बिना किसी भुगतान के मिलता है, किसी से कोई fees नहीं लेते।
- सब्सिडी वाला सिलेंडर – 2025-26 में 9 सिलेंडर (14.2 किलो) तक प्रत्येक पर 300 रुपए तक की लक्षित सब्सिडी देने का फैसला लिया गया है, जिससे रसोई गैस की लागत काफी कम हो जाती है।
- स्वास्थ्य में सुधार – लकड़ी, कोयला, गोबर के उपले जैसे पारंपरिक ईंधन के धुएं से बचाव होता है, जिससे सांस और आंख से जुड़ी बीमारियों का खतरा घटता है।
- साफ ईंधन की उपलब्धता से रसोई का काम तेज होता है और महिलाओं का समय बचता है, जिससे वे शिक्षा, स्वरोज़गार या अन्य घरेलू कामों के लिए अधिक समय दे पाती हैं।
Disclaimer : यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और इसमें दी गई बातें विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं। किसी भी तरह का आवेदन, वित्तीय निर्णय या कानूनी दावा करने से पहले पाठक को संबंधित विभाग, स्थानीय गैस एजेंसी या आधिकारिक वेबसाइट से स्वयं जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। किसी भी तरह की हानि के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं होगा।
